Swiss bank: अकाउंट निकलना इतना आसान, लेकिन यह है शर्त, पुरी जानकारी पढे

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स्विस बैंक क्या है in Hindi?

जेम्स बाॅन्ड ने अपनी फिल्म में कहा था कि “आप एक Swiss Banker पर भरोसा नहीं कर सकते तो पता नहीं दुनिया का क्या होगा?” कई फिल्मों में भी आपने देखा होगा की स्विस के Employees पर बंदुक रख दी जाती हैं लेकिन वो अपने Customer Account के बारे में नहीं बताते हैं। तो यह ऐसा क्या है इस बैंक में यह इतना फेमस क्यों हैं?दुनिया के बड़े बड़े अमीर लोंग और हमारे भारत जैसे देशों के भी Businessman क्यों HDFC Bank, SBI Bank जैसे बड़े बैंकों को छोड़कर Swiss Bank में अपने पैसे रखते हैं? क्यों इसे इतना Safe मानते हैं? क्या हम भी स्विस बैंक में अपना Current Account या Saving Account निकाल सकते हैं या नहीं? यह सब हम इस आर्टिकल में देखेंगे।

ब्लॅक मनी क्या होता हैं? (What is meant by black money?)

Swiss Bank Kya Hai ? यह जानने से पहले Black Money क्या होता हैं यह जानते हैं इससे आपको बहुत सी चीजें समझ जायेंगी। कोई भी ऐसा पैसा जिसका सोर्स आप छुपा रहे हैं वह Black Money हैं। अगर एक दुकानदार आपको समान बेच रहा हैं तो यह तो लीगल हुआ लेकिन वह उसका बिल नहीं दे रहा हैं और सारा कैश अपने घर में जमा कर रहा हैं तो वह Black Money कहा जा सकता हैं। ऐसे ही तकनीक से लोग ब्लैंक मनी कमाते हैं लेकिन इसे आप आसानी से खर्च नहीं कर सकतें। आपको इसे Black से white करना होगा या फिर Swiss Bank जैसे माध्यम से उसे छुपा के रखना होगा वैसे यह तरिका काफी फेमस हैं।

स्विस बैंक कहा स्थित हैं? (What is meant by black money?)

यह कोई अकेला बैंक नहीं हैं स्विट्जरलैंड के सभी बैंकों को Swiss Bank कहा जाता हैं। स्विट्जरलैंड के Bank Rules इतने ऐसे हैं जिस वजह से यह पुरी दुनिया में फेंमस हैं।

स्विस बैंक कैसे काम करता है? (Swiss Bank Rules)

स्विस बैंक में पैसा क्यों रखा जाता है? यह आपके मन में अक्सर सवाल आता ही होगा। साल 1713 में Switzerland Government ने एक Law बनाया जिसमें था की कोई भी Bank अपने ग्राहक की डिटेल नहीं शेयर करेगा। इसी कारण बहुत सारी Country ने अपना पैसा स्विस में रखना शुरु कर दिया। इसी प्रकार शुरु हुआ Swiss Bank Culture जो की आज के दिन बहुत महत्त्वपूर्ण बन गया हैं। इस वजह से काफी‌ फायदा स्विट्जरलैंड सरकार को हो रहा था। 

साल 1934 में गवर्मेंट ने एक और Law Pass किया। इसके मुताबिक कोई भी बैंक अपने कस्टमर कि जानकारी पब्लिक करता है तो यह एक गंभीर गुनहा माना जायेगा भले वो क्रिमनल क्यों ना हो। इसमें 5 साल की सजा का प्रावधान मौजुद हैं। इसी कारण दुनियाभर के बड़े बड़े Businessman और सेलेब्रिटी भी Swiss Bank की तरफ खींचने लगें और बहुत सारा पैसा Swiss में जमा करने लगे क्योंकि इससे किसको इसके लिये जवाब देने की जरुरत नहीं रहती। ओसामा लादेन तक की पहली पसंद स्विस बैंक थी।

यह देश पाॅलिटिकली Neutral रहा हैं मतलब इसकी किसी भी देश से दुश्मनी नहीं हैं। 

इसमें ब्लॅक मनी और सिर्फ illegal ही नहीं बल्की Privacy की से कारण भी लोग पैसे जमा करते हैं। जहां के Bank Credible नहीं होते, सरकार स्टेबल नहीं होती वह भी इसमें पैसा रखते हैं। स्विट्जरलैंड की Currency दुनियाभर में प्रिमियम मानी जाती हैं ऐसी कई कारणों से Swiss Bank बहुत Trusted माना जाता हैं। 

स्विस बैंक में अकाउंट कैसे खोला जाता है? (Can anyone open a bank account in Swiss bank?)

  • दुनियाभर में किसी भी देश का व्यक्ती इसे Account Open कर सकता हैं। आपके और हमारे जैसे लोग भी घर बैठकर भी इसमे अकाउंट खोल सकते हैं लेकिन आपकी राशी कम से कम 1 million Swiss Franc होने चाहिये उसके उपर आप कितनी भी रकम रख सकते हैं।
  • स्विस में अकाउंट खोलने के लिये आपकी उम्र 18 साल से ज्यादा होनी चाहिये।
  • आपके पास एक वैलिड पासपोर्ट (atleast 6 month Validity) होनी चाहिये।
  • इसके साथ यह आपका Resume भी सबमिट करवाते हैं जिसमे आपकी Skill, Experience, आप क्या क्या और कब कब क्या काम किया यह सब उसमें बताना होता हैं। जो भी फंड आपने देनी हैं वह किस प्रकार आपके पास आया हैं उसकी डिटेल्स भी आप लोगों को देनी होती हैं।
  • इनसे आप किसी भी Timezone और भाषा में इनसे जुड सकते।
  • अभी पहले से अभी Swiss Bank Account खुलवाना उतना आसान नहीं रहा इनके रुल्स काफी स्ट्रिक्ट कर दिये गये हैं क्योंकी बहुत बार Internationaly बहुत देशों को इनपर दबाव होता हैं।
  • कोविड के बाद इसमें पैसा आना कई गुना बढ़ गया हैं। हाल ही में रशिया- युक्रैन लढाई के केस में भी यह हो रहा हैं। लोग अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिये Swiss Banks का आधार लेती दिख रही हैं। 
  • स्विस बैंक ने बिच में डिजिटाइजेशन के तहत सुविधा भी चालु की थी पर बाकी चीजें देखें तो स्विट्जरलैंड कितना भी आगे हो डिजीटाइजेशन में भारत से काफी पिछे हैं।

स्विस बैंक नंबर अकाउंट ( Secret Vaults)

  • इसमें जनरल जो अकाउंट होता हैं वो कोई भी निकाल सकता हैं घर बैठे अगर आप उनकी Minimum Requirement को पुरा करते हो।
  • लेकिन यह बैंक फेमस हैं अपने Number Account के लिये। यह वो अकाउंट हैं जहां Powerfull और Rich लोग अपना पैसा रखते हैं‌। 
  • लेकिन Numbered Account खुलवाना आसान नहीं होता इसके लिये आपको एकबार स्विट्जरलैंड में Physically Visit करना होगा। इस अकाउंट में आपकी Privacy का पुरा ध्यान रखा जाता हैं।
  • दुनिया कोई कौनसे भी देश की कितनी भी पावरफुल Government हो अगर Tax Information Exchange करने का जो Agreement हैं वह Switzerland के साथ नहीं है तो यह बैंक आपकी Information किसी भी किमत पर शेअर नहीं करेंगा। 
  • इस नंबर अकाउंट की ख़ासीयत यह हैं की आपको नाम की जगह एक नंबर मिलता हैं और बैंक के कुछ लोगों के अलावा किसी को भी पता नहीं चलता की आपके अकाउंट में क्या हो रहा हैं।
  • बैंक का कोई भी कर्मचारी आपका अकाउंट नहीं देख सकता। इतना ही नहीं आपके Bank Statement भी आपका नाम तक नहीं होता सिर्फ एक नंबर होता हैं। अगर कोई भी सायबर क्राईम होता हैं तो भी आपका नाम किसी को नहीं पता लगेगा।
  • ऐसे नंबर अकाउंट चलाने का खर्चा भी बहुत होता हैं। जो की सालाना 24,000 से 25,000 ($300) का होता हैं। अगर आप स्विट्जरलैंड के बाहर रहते हैं तो आपसे बैंक Non Residential fees भी चार्ज करता हैं। इसमें यह सुविधा भी होती है की बैंक स्टेटमेंट तक आपके देश में ना आते क्योंकी इससे आपकी Government आपकी जानकारी जान सकती हैं। इसके लिये यानी बैंक स्टेटमेंट ना भेजने के लिये आपको बैंक को उल्टा फिस देनी पड़ती हैं। 
  • पहले आप Numbered Account के जरिये वायर ट्रांसफर कर सकते थे लेकिन कुछ केस में Information Leak हुई तो यह सुविधा बंद कर दी गई। नंबर्ड अकांउट निकालने पर आपको Checkbook तक नहीं मिलती अगर ऐसा होगा तो इसका पुरा Purpose खराब हो जायेगा।
  • Check के बदले बैंक Traveler check देता हैं इसपर अमाऊंट भी लिखा होता हैं, सारी डिटेल्स भी मौजुद होती हैं उस बस आपको एक Currency की तरह इस्तमाल करना होता हैं। इस Travellers check के लिये भी बैंक आपसे 1% अलग से कमीशन लेता हैं।
  • आपको नंबर अकाउंट के साथ चेक डिपाॅसिट बाॅक्स भी दिया जाता हैं उसमें आपकी किमती चींजे आप यहां रख सकते हैं।
  • इन अकांउट होल्डर्स को बैंक Under Ground Bunker Vaults की फैसिलिटी भी देता हैं जिसमें गोल्ड, डायमंड आप दुनिया से छुपा सकते हैं। यह बंकर्स को कभी मिलिट्रीने बनाया था जिसे स्विस बैंक ने खरिद लिया। ज्यादातर बनकर Road Connectivity से काट दिया जाता हैं। यह बंकर्स हर किसी को नहीं मिलते यह उन्हें ही मिलते हैं जिन्होंने कई तरह के सिक्युरिटी क्लिअरंस पास किये होते हैं। यह जो बंकर (vaults) हैं वह 5 लाख डॉलर में रेंट पर मिलते हैं इससे आप अंदाजा लगा सकते हो की इसका रेंट इतना हैं तो अंदर का सामान कितना किंमती होगा।
  • 2008 के फियनाशियल क्राइसिस के बाद लोगों का इन Currency पर से विश्वास कम हुआ हैं। ज्यादातर लोग Gold, Diamond, Silver जैसी चींजो में निवेश करते हैं और यह अपने अगले पिंडियो को ट्रांसफर करते रहते हैं।
  • ऐसी कई केस में बैंक अपने कस्टमर्स की जानकारी Foreign Government भी देता हैं लेकिन लेकिन गवर्नमेंट के पास क्रिमीनल एविडेंस होने चाहिये। Tax चोरी को स्विट्जरलैंड में एक बड़ा क्राईम नहीं समझा जाता इसलिये टैंक्स चोरी के केस में स्विस से गवर्मेंट को जानकारी नहीं दी जाती हैं। Swiss Banker Association के हिसाब से मनी लांड्रिंग, क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन थेफ्ट, ब्लैंक मेलिंग यह सब में Information Share की जा सकती हैं। लेकिन सिर्फ Information शेयर की जायेगी ना की सारा पैसा उठाके दे दिया जायेगा। यह इसलिये दी जाती है क्योंकी Criminal Activity कम की जायें। पहले ऐसे केस में भी कोई भी जानकारी नहीं दी जाती। 

क्या स्विस बैंक ब्याज देते हैं? (Swiss Bank Intrest Rates)

बाकी बैंकों में अगर आप पैसे रखते है तो आपको Bank Intrest देता हैं लेकिन Swiss बैंकों में इसका उल्टा होता हैं यानी Swiss Bank Intrest -0.75 % हैं यानी आपको ही उपर से पैसे देने होते हैं। अगर आपके 1 लाख बैंक में हैं तो आपको 750 रुपयें उल्टा आपको बैंक को देना पड़ेगा तभी भी इसमें Money रखनेवाले फायदे में ही होते हैं क्योंकी इसका कारण हैं उनके Strong और Stable Currency। अभी 1 Swiss Franc 88 रुपयों का हैं यही साल 2010 में 44 रुपयों का था। यानी किसी ने अपनी करेंसी Swiss Franc में 2010 में चेंज करवाई होगी तो अब वो डब्बल हो गई होगी। स्विट्जरलैंड की Economy बाकी देशों से बिल्कुल अलग हैं बाकी देशों में Inflation बढ़ता हैं या Positive होता हैं इनके यहा Inflation negative होता हैं। यह ज्यादा से जादा 1% रहेगा। आज हर कोई Switzerland Economy से Associated होना चाहता हैं क्योंकी Safety की Safety और आपकी Value बढ़ेगी वो अलग। 

अकाउंट होल्डर्स की मौत के बाद क्या होता हैं? (Death of Account Holder)

अगर किसी वजह से Swiss Bank Account Holder की मौत हो जाती हैं तो नियमों के अनुसार उसके नाॅमिनी को यह रक्कम दी जाती हैं। अगर नाॅमिनी नहीं हैं तो अकांऊट ब्लाॅक कर दिया जाता हैं अगर 10 साल तक कोई Activity Bank Account में नहीं होती तो उस केस में Account Holder को Contact कर सकता हैं अगर वो नहीं मिलता हैं तो Account Block कर दिया जाता हैं। ओसामा बिन लादेन का भी स्विस बैंक का अकाउंट था जो की 6 साल कोई Activity नहीं थी इसलिये वह ब्लाॅक कर दिया गया क्योंकी तब 10 साल वाला ऐसा कोई रुल नहीं था तो टोटल 25.5 million dollar पैसे ब्लाॅक कर दिया गया था।

भारत से जानकारी साझा? (Data Sharing with India)

Swiss Bank जो कर रहा था उससे दुनिया में बहुत देशों के लिये दिक्कत हो रही थी। इसलिये साल 2014 में OECD ने एक Declaration बनाया इसमें कहा की सभी देश अपने Tax Payers List साझा करेंगी। इस डिक्लेरेशन में 50 Country ने Sign किया इसके India और Switzerland भी मौजुद हैं। इसके बाद मोदी सरकार वादा करके सत्ता में आई की ओर Swiss Bank का पैसा भारत में लायेगी। इन्होंने साल 2018 में भारत और स्विट्जरलैंड का Automatic Exchange System बनाया इसमें Swiss Indian Account की Details इंडिया के साथ शेयर करेंगे। इसके बाद कई बार ऐसी लिस्ट The Finacial Express और अन्य Newspaper ने छापे हैं इसमें बहुत बड़े बड़े नाम सामने आयें लेकिन इसमें Official Account Name ही थे जो लिगल तरिके से अकांउट बनाये थें।इसमें Switzerland Federal Tax Administration ने Account Holder Name, Address, country, Tax Indentification Number , Account Balance और Bank Account के काफी डिटेल्स शेयर किये दें। क्योंकी इसका कोई भी फायदा नहीं हुआ क्योंकी Agreement के हिसाब से यह Tax Purpose के लिये India में आया था और इसकी डिटेल सिर्फ CBDT के पास ही रहता हैं OECD की Guidelines के हिसाब से इसे पब्लिक नहीं किया जा सकता। लेकिन इन लिस्ट में उन्हीं के नाम थे जो Officialy Indian Citizens के नाम पर थें। 

लेकिन दिक्कत यह हैं की जिन्हका ब्लॅकमनी था उन्होंने Indian Citizens के तहत Account ही नहीं खुलवाया था कई छोटी छोटी Country हैं जहां के नियम हल्के हैं वहां के सिटीजन बनके स्विस अकांउट खुलवाया जाता हैं। Swiss licks के नाम से इंडियन एक्सप्रेस में कई नाम आये थे लेकिन हैरानी की बात यह है की लोगो ने अब पहले से ज्यादा पैसा स्विस में रख रहें हैं। ज्यादातर लोगों का कहना है की यह जो डाटा लाई है सरकार वह ऑफिशियल अकांउट की लिस्ट हैं जो की Legal Wealth हैं। असल में भारत से स्विट्जरलैंड में पैसा जाता है वह 5-6 tax havens से जाती है मतलब अलग अलग देश से हवाला के जरिये यह घुमा फिराके पोहचाई जाती हैं तो Indian Government को कौन सा पैसा किसका है यह Impossible हैं। पिछले 15 साल से भारत में इसपर Public Debate चल रहीं हैं। इसके लिये भारत में नोटबंदी की गई और लिस्ट भी आई लेकीन आजतक चवनी भी हमारे देश में वापिस नहीं आईं।

ऐसा भी हो सकता है की जादातर पैसा पाॅलिटेशियन वाला का ही हो सकता हैं लेकिन हमारी सरकारे बदलती ही रहते हैं तो यह Opposition वालो का भी पैसा निकाल सकते हैं या यह भी हो सकता है की सारे मिलकर हमको बेवकुफ बना रहे हैं।

FAQ

Q: स्विस बैंक कौन से देश में है?

Ans: स्विट्जरलैंड देश में मौजुद बैंकों को स्विस बैंक कहा जाता हैं

Q: स्विस बैंक में पैसा क्यों रखा जाता है?

Ans: सेफ्टी, सेक्युरिटी और Privacy की कारणों से स्विस बैंक में पैसा रखा जाता हैं

Q: स्विस बैंक में भारत का कितना काला धन है?

Ans: साल 2021 तक इसमें भारत का 3.83 अरब स्विस फ्रैंक यानी लगभग 30,500 करोंड़ से भी अधिक पैसा स्विस बैंक में जमा है लेकिन यह भी आधिकारिक आंकड़ा नहीं कह सकतें

Q: क्या मुझे स्विस बैंक खाता मिल सकता है?

Ans: हां, दुनिया के किसी भी देश का नागरिक स्विस बैंक में अकाउंट निकाल सकता हैं बस आपको मिनिमम 1 Swiss Franc पैसे आपके पास होने चाहिये

Q: दुनिया का सबसे बड़ा बैंक कौन सा है?

Ans: इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (आईसीसी) दुनिया का सबसे बड़ा बैंक हैं

Q: Swiss bank interest rates कितना हैं?

Ans: Swiss bank interest rates -0.75% (Negative) हैं

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